Net Neutrality के लिए खतरा - Ad-blocking

Ad-Blocking = Ad-blocking एक प्रकार का सॉफ्टवेर है, जो अनचाहे पॉपअप , विज्ञापन , और स्पैम को रोकता है । 
           यह मोबाइल , स्मार्टफोन , डेस्कटॉप , टेबलेट आदि डिजिटल उपकरण मे website व webpage  द्वारा आने वाले विज्ञापनों , पॉपअप , स्पैम को रोकता है । यह मानसिक रूप से बहुत कष्टदायक और आर्थिक रूप से डाटा व धन का नाश करने वाला होता है । 

माध्यम कोई भी हो, जब तक उसे विज्ञापन का साथ नहीं मिलता तब तक उसका विस्तार असंभव है । यह सफर टी.वी. और अख़बार से होते हुए इन्टरनेट की दुनिया में पहुँच गया है । 
                                                                              असल में कंटेंट की दृष्टि से टी.वी और अख़बार के मुकाबले इन्टरनेट विज्ञापन लचीला होता है । भारत जहाँ इन्टरनेट का अगुआ बनकर उभर रहा है , वहीं भारतीय उपभोक्ता इन्टरनेट पर विज्ञापनों के इस्तेमाल में भी जागरूक उपभेक्ता बनकर उभर रहे है । 

पेजफेयर संस्था के एक अध्ययन में पाया गया है कि -

March 2016 तक भारत में 12.2 करोड़ भारतीय mobile ब्राउज़र द्वारा ad -blocking का इस्तेमाल कर रहे थे । 
यहाँ भारत जैसा विकासशील देश दुनिया में दूसरे नंबर पर है एड-ब्लॉकिंग उपयोग के मामले में और चीन पहले स्थान पर है । 
पूरी दुनिया में December 2015 में 27.5 करोड़ mobile ad -blocking का इस्तमाल कर रहे थे वहीं December 2016 में बढ़कर 61.5 करोड़ हो गया । जिनमें 62 % लोग मोबाइल में इस्तमाल कर रहे थे ।

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